Friday, September 26, 2008

LOVE STORY # 500: साथ की खुशी ख्वाहिशों की खुशी से अलग है, पर मरने से पहले उससे एक राग जरूर सीखना है


वह राग आसावरी उसे सुनाना है. ये डीवीडी उसके साथ देखनी है. मिर्ज़ा ग़ालिब के घर जाना है फिर से साथ में. उस किताब का हिस्सा उसे पढ़ कर सुनाना है. उसके लिए एक दिन साड़ी पहननी है. साइकिल के कैरियर पर बिठाकर उसे एक दिन घुमाना है. देर रात शोपेन को उसके साथ सुनना है. पार्क की उस बेंच पर उसकी बगल में बैठकर चुप रहना है. निजामुद्दीन में खुसरो की कब्र पर बैठकर जुमेरात की सर्दी में कव्वाली सुननी है. बनारस जाकर नाव में देर शाम बैठकर गंगा को बहते हुए देखना है. अपनी अलबम दिखानी है. एक दिन सिर्फ लियोनार्द कोहेन को ही सुनना है उसके साथ. बहुत करीब होकर उससे अपना नाम बार बार सुनना है. उसकी छाती के साल्ट एंड पेपर बालों को जैक्सन पॉलक की पेंटिंग में बदलते देखना है. एक दिन वह जो बहुत सारी बातें इकट्ठा हो रही हैं, इतने सारे दिनों से, उनको लेकर लड़ना है. मरीन ड्राइव पर उसके बालों को उड़ते हुए देखना है. वह जो बहुत पहले अन्याय हुआ था, उसे लेकर उसके कंधों पर सिर रखकर रोना है. उसके लिए पाब्लो नेरूदा की एंथोलॉजी खरीदनी है. ये जो मकईबारी की हरी दार्जीलिंग चाय है, उसके साथ पीनी है. उसके साथ चांद की तरफ जाने वाली सड़क पर जाना है. बहुत गहरे में चुप हो जाना है. रायपुर में विनोद कुमार शुक्ला की बातें सुनने उसके साथ जाना है. वह चमड़े का बैग जो बाहर से आया था, उसे देना है. उसके लिए बैंगन का चोखा बनाना है. बस्तर जाना है, केसकाल की घाटी को उसके साथ देखना है. वहां से लकड़ी की वह कंघी खरीदनी है, जो लड़के लड़कियों के बालों में लगा देते है. पेरिस के मोंमात्र गिरिजाघर वाली पहाड़ी पर स्टूडेंट पेंटर से मोलभाव कर उसका स्कैच बनवाना है. नाराज़ होने का नाटक करना है. अपने इनबॉक्स में रखी उसकी मेल के हिस्से पढ़कर उसे सुनाने हैं. कई साल पहले सिगरेट छोड़ दी है उसने, उसके पीले दांत साफ करवाने है. उसके लिए पान खरीदना है. मरने से पहले उससे एक राग सीखना है. ऑक्तोवियो पॉज की कविता उसे पढ़कर सुनानी है. कसौली की पहाड़ी पर दूर तक पैदल जाकर चीड़ के पेड़ों के बीच उसका नाम जोरों से लेना है. अमरूद की चटनी बनानी है. मल्लिकार्जुन मंसूर को सुनने के बाद की घनी खामोशी में आसक्त बैठे रहना है. अपनी दीवार पर फ्रेम करने के लिए उसकी कविता हाथों से लिखवानी है. मोहम्मद रफी की मनहूसियत (रोता आया, मरते की ख़बर लाया टाइप के गानों को लेकर) पर उससे आखिरी बार बहस करनी है.
साथ होने से पहले तक हजारों ख्वाहिशों की कितनी लम्बी फेहरिस्त है. उसके साथ हर वह चीज़ करनी है, जिसका वास्ता खुशी से है. खुशी का बांटा ही स्वर्ग है, न बांटा ही नरक. साथ की खुशी उस खुशी से अलग है, जिसका वायदा हजारों ख्वाहिशों में है.
पर मरने से पहले उससे एक राग जरूर सीखना है.

पेंटिंगः जैकसन पॉलक, म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट (मोमा) न्यूयॉर्क

13 comments:

Pratyaksha said...

लिस्ट अभी भी छोटी है ..

आस्तीन का अजगर said...

जरूर. पर कौन जीता है तेरी लिस्ट के पूरी होने तक :-))

MANVINDER BHIMBER said...

आस्तीन का अजगर
अजगर के बस में चाकरी नहीं, सिर्फ आलस है और जानलेवा आलिंगन...उसने जकड़ रखा है जिंदगी को धड़कते दिल के बहुत करीब..आस्तीन के अजगर का अपना अरण्य है जहां वह खुद को कभी खोता है,
bahut sunder

swapandarshi said...

Koi list iski bhee hai, jisme apane liye samay nikaal kar kiyaa jaayegaa?

Poonam said...

सुबह अंगड़ाई लेकर अलसाई सी करवट लेना है उसके साथ ...और फ़िर न जाने क्या क्या. सब कुछ . .. सही कहा आपने खुशी का बांटना ही स्वर्ग है न बांटना नर्क . बहुत अरसे बाद दिल में तड़प उठी.

Anonymous said...

......aur phir uske hoton se love story # 500 sunana hain.as Lord Byron said "To have joy one must share it. Happiness was born a twin."

Anonymous said...

De ja vu -...love story # 500 has winters deep whispers written in it.The first trace of a chill in the air and lord byron whispers in the soft evening breeze.And chopin will play too...........

Anonymous said...

शुभ काम में देरी क्यों :-)

Anonymous said...

सूरजमुखी की तरह अनगिनत जीवित पल एक साथ खिल उठे ..

ravindra vyas said...

हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पर फिदा होने का मन करे।

Anonymous said...

हमारी ख्‍़वाहिशों का कटपेस्‍ट क्‍यों मार लिया आपने अजगर जी....।

आनंद said...

और उसके लिए पाँच सौ तिरेसठ कहानियाँ लिखनी हैं...:)

- आनंद

Anonymous said...

marne ke pahle koun sa raag sikhna hai ,naam batayenge