Wednesday, September 24, 2008

LOVE STORY # 501: नफरत के ईमेल इनबॉक्स से तो डिलीट हो गये, पर एमिली के दिमाग से नहीं

पर एमिली के लिए गॉकर में वक़्त हमेशा ऐसा ही नहीं रहा. वह बहुत तेजी से अपने दोस्त और दुश्मन बना रही थी. यह बिल्कुल ऐसा ही था जैसे आप किसी हॉबी क्लब से निकलकर पेशेवर खेल के सर्किट में पंहुच जाते हैं. वहां के नियम अलग होते है, तरीके भी. कुछ गॉकर का चरित्र ऐसा था और कुछ एमिली भी खिलंदड़ थी. और इंटरनेट पर न तो आपको पसंद और प्यार करने वालों की कमी थी और न ही नफरत करने वाले हूलिगन्स की. न्यूयॉर्क का प्रभावी तबका वैसे भी गॉकर से काफी परेशान रहता था कि पता नहीं कब किसी पोल पट्टी खुल जाए, नशे में लहराते हुए सेलिब्रिटी का फोटो या फिर फ्लर्ट करते हुए का. एमिली एक तरफ जहां अपनी आज़ादी को लेकर बहुत आग्रही और आश्वस्त थी, वहीं दूसरी तरफ वह सिर्फ 24 साल की थी और उस ब्लॉगज़ीन की एडिटर, जो न्यूयॉर्क के रसूख वाले मैनहटन में गपसड़ाके का सबसे बड़ा अड्डा बन गया था. इस बीच एक अच्छी बात ये हुई कि सीएनएन के सबसे लोकप्रिय प्रोग्राम लैरी किंग लाइव में एमिली को बतौर मेहमान बुलाया गया.

सबसे बुरी बात ये कि वहां उससे ऐसे सवाल किये गये जिनका कोई ठीक जवाब एमिली के पास नहीं था. लैरी किंग की गैर मौजूदगी में शो के होस्ट जिमी किमेल थे और गॉकर ने कुछ महीने पहले ही नशे में धुत्त गलियों में घूमते किमेल की तस्वीर अपने स्टॉकर मैप में प्रकाशित की थी. जिमी को ये निजी खुंदक थी, कि गॉकर ने उसके प्राइवेसी में दखल दिया और वह बेहद गुस्सा था. ये गुस्सा उसने इस शो में एमिली पर निकाला.
आधी रात से जरा पहले उसने अपना स्टूडियो मेक अप उतारने के बाद जब घर में अपनी मेल खोली, तब तक उसके इनबॉक्स में संदेश भरे पड़े थे. नफरत के, हताशा के. एक में लिखा था- तुम्हारी तो हवा निकल गई. शो में तुम एक ऐसी बच्ची की तरह दिख रही थी, जो बहुत डरी हुई है. दूसरे में- मैं तुमसे ये बताना चाहता हूं कि तुम शो में बहुत ज्यादा गंवार और बेवकूफ नज़र आई. तुम सचमुच एक बिना दिलवाली इंसान हो और तुम्हें जिदगी में एक दिन इसी तरह की गंध का शिकार बनना पड़ेगा, जो इस वक़्त खुद हो.
एमिली इस सब के लिए तैयार ही नहीं थी. वह शो में अपने इस तर्क को ठीक से रख ही नहीं सकी कि सार्वजनिक जीवन में जो लोग होते हैं, उनके हर पहलू के बारे में लोगों की दिलचस्पी होती है और उनपर हर कहीं नज़र रखी जा सकती है. जिमी किमेल (इस वक्त लैरी किंग से ज्यादा पॉपुलर शो कर रहे हैं) टॉक शो के इतने बड़े माहिर हैं, कि एमिली का वैसे भी उनके सामने कोई चांस नहीं था.
बिना देर के इस शो की क्लिप यू ट्यूब पर आ गई. याहू के फ्रंट पेज पर भी. एक रिपोर्टर एमिली के मां बाप का कोट लेने पंहुच गया. ई मेल्स का जखीरा बढ़ता गया. उसे लगा ये कभी खत्म होने वाला नहीं. जब भी वह खुद को सही बताने और बचाने की कोशिश करती, उस पर हमले और बढ़ जाते. जिन सेलीब्रिटीज की निजी जिंदगियों को उघाड़ने की मान्यता एमिली ने सामने रखी थी, लैरी किंग लाइव शो में जाने के बाद वह खुद उन्ही सेलीब्रिटीज में शामिल हो गई थी. और खुद उसी के उसूल के मुताबिक लोगों को हक था, वे उसकी जिंदगी में झांके और अपनी राय दें- जो कुछ भी हो सकती है, अच्छी, बुरी या तेज़ाब में डूबी हुई. धीरे धीरे ई मेल आना कम तो हुए, पर एमिली के दिमाग से उन्हें डिलीट करने का कोई तरीका नहीं था.
एक दिन वह गॉकर के बाथरूम के फर्श पर लेटी हुई पाई गई. पैनिक अटैक का यह जिंदगी में पहला मामला था. उस दिन उसने काम नहीं किया.

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