Friday, October 31, 2008

LOVE STORY # 482: पाब्लो नेरुदा से ज्यादा प्यार उनकी कविताओं के हिस्से आया


पाब्लो नेरूदा की एक कविता उसने उसे पढ़ कर सुनाई.
पाब्लो नेरूदा की एक कविता उसने उसे पढ़ते सुना.
पाब्लो नेरूदा की बातें उसे लगा, उसकी खुद की हैं.
पाब्लो नेरूदा की बातें उसे लगा, उसीके लिए लिखी गई हैं.
जितना प्यार उनके रास्ते, उनके हिस्से आया, वह पाब्लो नेरूदा की लेटिन कविताओं के अंग्रेजी अनुवाद ने कई गुना कर दिया. क्या ये कम आश्चर्य की बात थी कि चिली जैसे देश में कई दशकों पहले एक आदमी वह सब लिख रहा था, जो इस पल दो दिलों में रेलगाड़ी के कोयला इंजन की तरह धधक और धड़क रहा है. जितना प्यार पाब्लो नेरुदा के हिस्से आया, उससे कहीं ज्यादा, कहीं उसकी कविताओं के. कई जुबानों और महाद्वीपों में प्यार करते लोगों के चुप में वे साँस लेती हैं. असंख्य निजी पलों की चश्मदीद गवाह की तरह पता नहीं कितनी बार प्यार को कविता पढ़ती है और प्यार कविता को और एक दूसरे में प्राण प्रतिष्ठित होती रहती हैं. पाब्लो नेरूदा की कविताएं वहीं रहेंगी, जहां लोग प्यार में पड़ और जी रहे होंगे. पाब्लो नेरूदा के चले और कोयला इंजन के गुजर जाने के बाद भी.

1 comments:

Nasiruddin said...

ऐसा क्‍यों लगता है। क्‍यों लगता है कि यह मेरी ही बात है। क्‍यों मोहब्‍बत की हर गाथा में अपना जुड़ाव दिखता है। बता सकते हो, अजगर?