वह एक डॉक्टर के यहां काम करता था. उसका काम डॉक्टर की मदद करना था, पर वह माहिर था लोगों का ब्लड प्रेशर नापने का. लोगों का ब्लड प्रेशर नापते नापते हुए उसे इतनी महारत हासिल हो गई थी, कि वह लोगों का चेहरा देखकर उनके ब्लड प्रेशर का अंदाजा लगाने लगा था. शुरू शुरू में सारे अंदाजे सही नहीं होते थे, पर प्रैक्टिस करते करते उसके तुक्के सही लगने लगे थे. वह पूरी दुनिया में रह रही मनुष्यता को उसके ब्लड प्रेशर से पहचानने की चमत्कारिक शक्ति पाने में सफल हो रहा था. क्योंकि वह बहुत पढ़ा- लिखा, होशियार और साहित्यिक नहीं था, इसलिए उसके लगनशील होने पर शक किया जाना बेमानी और बेबुनियाद था. अपने डॉक्टर की मदद से फिर धीरे धीरे वह ब्लड प्रैशर के अंदाजे से बीमारियों का भी अंदाजा लगाने लगा, और प्रैक्टिस, मेहनत और लगन से ये भी मुमकिन होने लगा कि वह सामने बैठे शख्स के ब्लड प्रैशर के साथ साथ उसकी बीमारी के बारे में बता सके.28 साल का होते होते उसके घर वालों ने उसका रिश्ता करना चाहा. लड़की देखने जब वह गया तो उसने उसका चेहरा देखते ही उसका बीपी ताड़ लिया. और जैसे ही उन्हें थोड़ा बातचीत करने के लिए अकेला छोड़ा गया, उसने उसपर इम्प्रैशन जमाने के लिए उसका बीपी बता दिया. हालांकि लड़की का बीपी लगभग नारमल ही था, पर वह सहम गई. वह लड़की को देखता हुआ उसकी उन बीमारियों के बारे में सोचने लगा जो लगभग नॉरमल बीपी वाली लड़कियों को हो सकती थी.
बाद में कुंडली मिलने के बाद भी लड़की वालों ने शादी से मना कर दिया.
नागपुर के रामदासपेठ में रह रहे उस शख्स का बीपी मापने का शौक जारी रहा.
बहुत बाद में देखा गया, कि मुहल्ले में जो भी साइकल उसे दिखाई देती, वह उसके टायर पर हाथ लगा कर उसकी हवा जरूर चैक करता.




2 comments:
अनादर वन।
"blog" ko hindi me kya kahte hain??
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