उस मुल्क में वह किसी को नहीं जानता था. उसे ऐसी जगहों पर नींद ठीक से नहीं आती थी, जहां वह किसी को नहीं जानता हो. एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही वहां कोई भी अंग्रेजी नहीं बोल रहा था. फ्रेंच उसे नहीं आती थी. उसे पता था उसे कहां जाना था, पर ट्यूब स्टेशन की हैल्प डैस्क पर काम कर रहे लड़के- लड़कियों ने उसे जो भी बताया फ्रेंच में बताया. उसकी समझ में कुछ नहीं आया. उसने इशारों से बात करने की कोशिश की, पर फिर भी वे कहीं नहीं पंहुच सके. वह प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे लोगों को ढूंढने लगा जिनसे वह मदद ले सके. पेरिस में उस वक़्त सुबह के दस बज रहे थे और कामकाजी दिन की व्यस्तताओं ने लोगों के चेहरों पर अदृश्य डू नॉट डिस्टर्ब बोर्ड टांग रखे थे. वह अपना सामान घसीटता हुआ यहां से वहां और वहां से यहां घूमता रहा. किसी ऐसे शख्स की तलाश में जो उसे ये बता सके कि पिगाले ले जाने वाली ट्रेन उसे कहां से मिलेगी. वह किसी भी जगह के उच्चारण को लेकर अनिश्चय में था. दिल्ली से लंबी उड़ान के बाद की थकान उसे महसूस होने लगी थी. वह चाहता था, जल्दी से होटल पंहुचे और थोड़ा सो ले.
फिर उसे तीन ऐसी चमड़ी के लोग दिखाई दिये, जो दक्षिण भारतीय लगते थे. वे उसे सगे से लगे. उनके पास गया और पूछा और कहा- कैन यू हैल्प मी. उनमें से एक ने कहा. नो इंगलिश.
आर यू नॉट फ्रॉम इंडिया, उसने पूछा, विच लैंग्वेज यू नो देन
तमिल एंड फ्रेंच. पॉंडिचेरी.
वह आगे बढ़ गया. उसे राहत इस बात से हुई कि जिस कॉन्फ्रेंस में उसकी कंपनी ने उसे भेजा है, वह अगले दिन से है.
उसे एक और भारतीय मूल की महिला दिखाई दी. उसने उससे अंग्रेजी में पूछा- कैन यू हैल्प.
उसने कहा- नो इंगलिश. यू इंडियन.
उसने कहा – यस
औरत ने कहा- मैं पंजाबी –हिंदुस्तानी जानती हूं.
आह, उसने राहत की सांस ली.
उसने बताया कि पिगाले के जाने वाली ट्रेन का प्लेटफॉर्म वहां से काफी दूर था, और क्योंकि उसकी ट्रेन आने में देर थी और वह अपनी शिफ्ट से लौट रही थी, इसलिए वह उसे वहां तक छोड़ आएगी, जहां से वहां प्लेटफॉर्म दिखलाई देगा.
रास्ते में उसने पूछा- क्या आप हिंदुस्तान से हैं.
औरत ने कहा- नहीं मॉरिशस से. पर मेरा पति पंजाब से है. और हिंदुस्तानी पंजाबी मैंने उससे मिलने के बाद ही सीखी है. उसने उससे पूछा हिंदुस्तान में कहा रहते हो, फिर कहा – हमें जाना है अमृतसर, मैंने देखा नहीं है..
वे सीढ़ियां चढ़ते, सबवे से गुजरते, लंबे गलियारों में करीब 12 मिनट चलते रहे. फिर उसने दिखाया वहां से ट्रेन मिलेगी. और टिकट है न आपके पास.
हां उसने कहा, टिकट मैंने एयरपोर्ट से ले लिया था.
उसने अपना नाम और फोन नंबर दिया, कहा कि कहीं फिर फंस जाओ तो फोन कर लेना.
वह पर्ची उसके पास नहीं है. नाम क्या था उसका.