Friday, May 15, 2009

LOVE STORY # 393: चाहता है कि वह गलती ज़िन्दगी भर उसका पीछा करे

(मित्र की ही)
लोग उस पहाड़ी पर देवी के दर्शन के लिए चढ़ा करते हैं. लेकिन वो दोनों एक दूसरे के लिए हाँफते हुए सीढ़ियाँ चढ़ रहे थे. उन्हें नहीं पता था कि ऊपर चढ़ने से क्या होगा. लेकिन उन्हें यह पता था कि ऊपर चढ़ते और उतरते हुए वो दोनों साथ रह सकते हैं. सबसे ऊपर पहुँचकर वे देवी के मंदिर में नहीं गए. थोड़े नीचे एक चट्टान के पीछे बैठ गए. जब साँसें थमीं तो दोनों ने उस चट्टान पर अपना नाम लिखा. चट्टान पर जमी हुई काई पर नाम लिखने में दिक्कत भी नहीं हुई. दोनों को भ्रम न था कि चट्टान पर नाम लिखने से उनका प्यार अमर हो जाएगा या फिर यह नाम कभी नहीं मिटेगा. आधे घंटे बाद दोनों नीचे उतर आए. तब तक सूरज ढल चुका था. वापस लौटते हुए वो जंगलों के बीच पहुंच गए. पहले तो एक दूसरे का हाथ थामे इतने मगन थे कि पता ही नहीं चला. लेकिन जब अंधेरा गहराने लगा और जंगल घना होने लगा तो दोनों को महसूस हुआ कि यह रास्ता ग़लत है.ग़लतियाँ तो हर किसी को सुधारनी पड़ती हैं वरना वो सही किए जाने तक पीछा करती रहती हैं. एक दिन उसने ग़लत रास्ता चुनने की ग़लती सुधार ली. वह अकेला रह गया.उसके बाद से वह उस पहाड़ी पर कभी नहीं गया. उसे यक़ीन है कि उस चट्टान पर जमी काई ने भी अगले मौसम में अपनी ग़लती सुधार ली होगी और नाम मिटा दिए होंगे. सुना है कि अब मंदिर से उतरकर जंगल के उस रास्ते पर कोई नहीं भटकता क्योंकि जंगल विभाग ने वह सड़क ही बंद कर दी है. जंगल विभाग ने भी अपनी ग़लती सुधार ली.लोग उसे कहते हैं कि उसने प्यार करके ग़लती की थी. उसे ऐसा नहीं लगता. अगर वह ग़लती थी भी तो वह उसे सुधारना नहीं चाहता. चाहे तो शायद सुधार भी नहीं सकता. लेकिन वह चाहता है कि यह ग़लती ज़िंदगी भर उसका पीछा करती रहे.प्यार अपनी स्मृति में भी प्यार ही रहता है.

7 comments:

eons said...

everything that is got in life.....all that you feel you got is but only your own interpretation, in direct reference to the ways of the surrounding you live in........ love can only be treasured by the one who feels, for else it is a passing phase of a feeling untreasured.......

Anonymous said...

I wish he should stop loving me, because I don't love him but can't see him suffering.

अनिल कान्त : said...

dil ko chho gayi dost

Surbhi said...

प्यार करने की गलती सबसे खूबसूरत गलती है.....जिसे मिटाने की कोशिश बेवकूफी है

Fakeer said...

आप आजकल नए पोस्ट नहीं पब्लिश कर रहे हैं| फीड रीडर एक इसी पोस्ट का तो बेसब्री से इंतजार रहता है|

गिरिजेश राव said...

भीग गया मन।
क्या जल्दी जल्दी नहीं लिख सकते?

Anonymous said...

प्यार अपनी स्मृति में भी प्यार ही रहता है.