कई समय से मन था कि कोई ऐसी जगह बने जहां हिंदी किताबों के बारे में नये सिरे से बात हो सके. अगर किताबें होंगी तो लिखना और पढ़ना भी बचा रहेगा. हमारी ये बातचीत ही हिंदी को बचा सकेगी. एक तरीका यह सोचा है कि हम अपनी अपनी पसंदीदा हिंदी किताबों की फेहरिस्त बनाएं और आपस में बांटे. मैं अपनी पसंदीदा किताबों की फेहरिस्त यहां दे रहा हूं. वे किसी क्रम में नहीं हैं, न ही अंतिम हैं. सिर्फ वे हैं जिन्होंने मुझे बचाये रखने और बनाने में मदद की. जो मुझे अभी याद हैं. बहुतेरी तो रायपुर में रामकृष्ण मिशन की लाइब्रेरी में पढ़ने को मिलीं, जब मैं शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय से बीएससी होने के असफल प्रयास कर रहा था. फिर बाद की भी हैं. हिंदी किताबें हमारे विमर्श से बाहर खिसकती जा रही हैं. भले ही हिंदी पढ़ने वालों की संख्या बढ़ी है. अब जब मैं हिंदी प्रदेशों से बाहर हूं तो उस तिकड़म के बारे में सोचता हूं, जहां से ये पता चल सके कि हिंदी में इधर क्या चल रहा है. जो जवाब मिलते हैं वे फुटकर होते हैं. ये ही कितना साफ है कि हम किताबों से ज्यादा हिंदी मठाधीशों की उठापटक में कितना रस लेते हैं. ये एक कोशिश उस विमर्श में वापस जाने की. यह जानने की कि जो कहीं रह- छूट गया हो, उसे वापस पाया जा सके. उपन्यास के नाम हैं, पर कहानी और कविता में कई जगह लेखक कवि के नाम से ही काम चलाया है.
उपन्यास
1. वे दिन - निर्मल वर्मा
2. कितने पाकिस्तान - कमलेश्वर
3. अपने अपने अजनबी- अज्ञेय
4. नौकर की कमीज – विनोद कुमार शुक्ल
5. दीवार में खिड़की रहती थी – विनोद कुमार शुक्ल
6. कलिकथा वाया बाइपास- अलका सरावगी
7. खिलेगा तो देखेंगे – विनोद कुमार शुक्ल
8. एक चीथड़ा सुख – निर्मल वर्मा
9. शेखर एक जीवनी – अज्ञेय
10. नाच्यो बहुत गोपाल – अमृतलाल नागर
11. खंजन नयन – अमृतलाल नागर
12. ययाति – विष्णु सखाराम खांडेकर (मूल मराठी)
13. मैला आंचल – फणीश्वर नाथ रेणु
14. आधा गांव – राही मासूम रजा
15. राग दरबारी – श्रीलाल शुक्ल
16. पहला गिरमिटिया – गिरिराज किशोर
17. 74 डाउन – रमेश बक्षी
18. कसप – मनोहर श्याम जोशी
19. आवारा मसीहा – विष्णु प्रभाकर
20. कुरू कुरू स्वाहा – मनोहर श्याम जोशी
21. कहां पाऊं उसे- समरेश बसु कालकूट (मूल बांग्ला)
22. अमृत कुंभ की खोज में – समरेश बसु कालकूट (मूल बांग्ला)
23. टोपी शुक्ला – राही मासूम रजा
24. कटरा बी आरजू – राही मासूम रजा
25. शहर में कर्फ्यू- विभूति नारायण राय
26. मित्रो मरजानी – कृष्णा सोबती
27. गुनाहों का देवता – धर्मवीर भारती
28.
कहानी
29. सहादत हसन मंटो
30. प्रेमचंद
31. मोहन राकेश
32. कमलेश्वर
33. राजेंद्र यादव
34. निर्मल वर्मा
35. श्रीकांत वर्मा
36. उदय प्रकाश
37. ज्ञानरंजन
कविता
38. रामचरितमानस – तुलसी दास
39. कबीर
40. अमीर खुसरो
41. नज़ीर अकबराबादी
42. संसद से सड़क तक - धूमिल
43. साये में धूप - दुष्यंत कुमार
44. दुनिया रोज बदलती है- आलोक धन्वा
45. नारों के अंधे शहर में- शिशु रश्मि
46. शहर अब भी संभावना है- अशोक वाजपेयी
47. चांद का मुंह टेढ़ा है – मुक्तिबोध
48. सुदामा पांडे का प्रजातंत्र – धूमिल
49. मगध – श्रीकांत वर्मा
50. सदानीरा – अज्ञेय की सारी कविताएं
51. कहीं नहीं वहीं – अशोक वाजपेयी (सारी कविताएं)
52. सब कुछ होना बचा रहेगा- विनोद कुमार शुक्ल (सारी कविताएं)
व्यंग्य
53. शरद जोशी
54. हरिशंकर परसाई
काव्य नाटक
55. अंधा युग – धर्मवीर भारती
56. एक कंठ विषपायी – दुष्यंत कुमार
आपने हिंदी की कौन सी किताबें पढ़ी हैं जो आपको लगता है मुझे पढ़नी ही चाहिए.
Sunday, January 17, 2010
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